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Tuesday, January 31, 2023

अमित शाह का हमला, कांग्रेस नेताओं ने देश में मेडिकल एजुकेशन में सुधार के नाम पर पैसा बनाया

अहमदाबाद: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को आरोप लगाया कि 2014 से पहले कांग्रेस के सत्ता में रहने के दौरान पार्टी नेताओं ने स्वास्थ्य ढांचे में सुधार के बजाय चिकित्सा शिक्षा सुविधाओं को उन्नत बनाने के नाम पर पैसा बनाया.Also Read – RSS ने देश में बेरोजगारी और गरीबी पर उठाया सवाल, कांग्रेस ने कहा- ये ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का असर

गांधीनगर जिले के कलोल में एक सभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 में सत्तासीन होने के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र में परिदृश्य में बदलाव आया. Also Read – किसानों का 26 नवंबर को देशव्यापी प्रदर्शन, राकेश टिकैत बोले- केंद्रीय मंत्री की बर्खास्त कराकर रहेंगे

Gujarat | Our govt has made traditional technical education more inclusive in the country through the new education policy. We have given importance to regional languages, various entrance exams are being conducted in regional languages: Union HM Amit Shah in Gandhinagar pic.twitter.com/TjOs0sHvJ7

— ANI (@ANI) September 27, 2022

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गृह मंत्री ने कहा, आयुष्मान भारत या पीएम-जेएवाई योजना के तहत 60 करोड़ गरीब नागरिकों को पांच लाख रुपए तक का निशुल्क उपचार मिल रहा है. इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने योजना के क्रियान्वयन के लिए जरूरी स्वास्थ्य ढांचे को खड़ा करने के लिहाज से 64,000 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं. इस योजना के तहत 600 जिलों के अस्पतालों में 35,000 नए बिस्तर बढ़ाए गए हैं.

शाह ने कहा कि देश में एकीकृत प्रयोगशालाओं और अनुसंधान केंद्रों की स्थापना के लिए 1,600 करोड़ रुपए का अलग बजटीय प्रावधान किया गया है. शाह सोमवार से दो दिन के गुजरात दौरे पर हैं जहां इस साल दिसंबर में चुनाव होने हैं.

दो अस्पतालों की आधारशिला भी रखी

शाह ने आज दो अस्पतालों की आधारशिला भी रखी. 750 बिस्तरों के एक अस्पताल का संचालन एक ट्रस्ट करेगा और 150 बिस्तर का एक और अस्पताल कलोल में बनाया जाएगा, जिसका संचालन कर्मचारी राज्य बीमा योजना के हाथ में होगा.

अस्पतालों में डॉक्टर ही नहीं हों तो ऐसे बुनियादी ढांचे का क्या मतलब?

गांधीनगर से लोकसभा सदस्य शाह ने कहा, अगर अस्पतालों में डॉक्टर ही नहीं हों तो ऐसे बुनियादी ढांचे का क्या मतलब? कांग्रेस शासन में नेता चिकित्सा शिक्षा सुविधाओं में सुधार के नाम पर पैसा बनाने में व्यस्त थे. प्रधानमंत्री मोदी ने पद संभालने के बाद परिदृश्य को सुधारा.

एमबीबीएस सीटे भी बढ़ी, 387 मेडिकल कॉलेज से अब 600 तक हो गए

शाह ने कहा कि देश में 2013-14 में निजी और सरकारी, दोनों क्षेत्रों में 387 मेडिकल कॉलेज चल रहे थे और प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से यह संख्या 600 तक पहुंच गई है. शाह ने कहा, एमबीबीएस सीटों की संख्या भी बढ़ी है. 2013-14 में 51,384 सीटें थीं, जो अब बढ़कर 89,875 हो गईं हैं.

पीजी सीटें 31,185 से 60,202 हुई, 10 नए एम्स चल रहे, 22 और शुरू होने वाले

पीजी सीटें भी 31,185 से बढ़कर आज 60,202 हो गई हैं. इसका मतलब है कि पिछले आठ साल में कॉलेजों और मेडिकल सीटों की संख्या दोगुनी हो गई है. 10 नए एम्स चल रहे हैं, वहीं 22 और शुरू होने वाले हैं. गृह मंत्री अपने संसदीय क्षेत्र के कुछ इलाकों में अनेक परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी करेंगे. शाम को वह गांधीनगर में अपने पैतृक शहर मानसा जाएंगे और नवरात्रि के दूसरे दिन बहुचार माता मंदिर में ‘आरती’ में शामिल होंगे.

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