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Wednesday, February 8, 2023

चाणक्य नीति: पति-पत्नी की ये आदतें वैवाहिक जीवन को कर देती हैं बर्बाद, जानें कौन सी हैं ये बातें

आचार्य चाणक्य ने कई उपदेश दिए हैं, उनके बताए मार्ग का पालन करने वाला इंसान जीवन में हमेशा सफल होता है. आचार्य चाणक्य ने बताया है कि पति-पत्नी का रिश्ता बहुत नाजुक होता है. ऐसे में व्यक्ति को अपना जीवन साथी चुनते समय उसके गुण और अवगुण के बारे में ठीक से जान लेना चाहिए. ताकि आनेवाला जीवन बेहतर हो सके. पार्टनर अगर अच्छा हो तो शादी का ये बंधन सुखद लगता है, लेकिन अगर पति-पत्नी का आपस में तालमेल ना बैठे तो कुछ साल भी साथ में निकालना मुश्किल हो जाता है. आचार्य चाणक्य के अनुसार कई बार पति अपनी पत्नी का या फिर पत्नी ही अपने पति की दुश्मन बन जाती है, जानें आखिर ऐसा क्यों होता है.Also Read – चाणक्य नीति: दूसरों को भुगतनी पड़ती है इन 4 लोगों के पाप की सजा, आप भी हमेशा रखें ध्यान

1. शक Also Read – चाणक्य नीति: इन पवित्र चीजों को खाने के बाद भी व्यक्ति कर सकता है पूजा-पाठ, जानें क्या है वो बातें

चाणक्य नीति कहती है कि शक इस रिश्ते को कमजोर और बर्बाद करने में सबसे अहम भूमिका निभाता है. पति-पत्नी के बीच शक और गलतफहमी को कभी नहीं आने देना चाहिए. एक बार यदि इस रिश्ते शक का प्रवेश हो जाए तो बुरे परिणाम प्राप्त होते हैं. संवादहीनता की कमी के कारण भी ये समस्या पैदा होती है. इसलिए इस स्थिति से बचना चाहिए. Also Read – चाणक्य नीति: काबिल लीडरशिप की निशानी होती हैं ये चार चीजें, विरोधी भी बन जाता है मुरीद

2. अहंकार

चाणक्य नीति कहती है कि अहंकार भी पति और पत्नी के रिश्ते को कमजोर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इससे दूर रहने का प्रयास करना चाहिए. इस रिश्ते में अहंकार के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए. ज्ञान और विनम्रता से इसे नष्ट किया जा सकता है.

3. झूठ

चाणक्य नीति कहती है कि व्यक्ति को कभी इस रिश्ते में झूठ का सहारा नहीं लेना चाहिए. जब इस रिश्ते में झूठ का प्रवेश होता है तो पति पत्नी के रिश्ते में दिक्कतें आना शुरू हो जाती हैं. इस स्थिति से बचने का प्रयास करना चाहिए.

4. आदर सम्मान की कमी

चाणक्य नीति कहती है कि पति और पत्नी के रिश्ते में आदर और सम्मान का विशेष महत्व है. जब दोनों में से किसी भी एक तरफ से आदर सम्मान की कमी आने लगती है तो समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं. इस रिश्ते में दोनों का ही सम्मान है. दोनों का सम्मान बराबर है. इसलिए इस रिश्ते में इसका विशेष ध्यान रखना चाहिए.

(Disclaimer: यह सभी बातें चाणक्य नीति से मिली जानकारियों पर आधारित हैं. India.com Hindi इनकी पुष्टि नहीं करता है.)

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