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Wednesday, February 1, 2023

PAK प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर भारत ने UN में दिया करार जवाब, कहा- शांति चाहने वाला देश आतंकवाद को कभी स्पॉन्सर नहीं करता

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भारत विरोधी बयान का जवाब देते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारतीय मिशन के पहले सचिव मिजिटो ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 77वें सत्र में पाकिस्तान को जोरदार जवाब दिया. मिजिटो ने कश्मीर मुद्दे पर पाक पीएम शहबाज के दावे को झूठा करार देते हुए कहा कि सीमा पर आतंकवाद में शामिल होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह बहुत दुखद है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने झूठे आरोप लगाने के लिए इस तरह के प्रतिष्ठित मंच का चुनाव किया, दाउद इब्राहिम का हवाला देते हुए उन्होंने पाक को सिखाया कि दो देश शांति चाहता है वो 1993 बम ब्लास्ट के साजिशकर्ता को अपने देश में कभी शरण नहीं देता.Also Read – …भारतीय बल्‍लेबाजों के लिए मुझे खेल पाना होगा असंभव, पाक गेंदबाज ने दी चेतावनी

गौरतलब है कि शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महारासभा को संबोधित करते हुए दोहराया था कि पाकिस्तान भारत के साथ शांति चाहता है, लेकिन शांति तभी ‘सुनिश्चित हो सकती है और उसकी गांरटी तभी’ हो सकती है, जब संयुक्त राष्ट्र घोषणापत्र और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के तहत कश्मीर मुद्दे का समाधान हो. भारत ने शरीफ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘‘एक ऐसा देश, जो अपने पड़ोसियों के साथ शांति कायम करने का दावा करता है, वह कभी सीमा पार आतंकवाद को प्रायोजित नहीं करेगा, न ही मुंबई के भयावह आतंकवादी हमले के साजिशकर्ताओं को आश्रय देगा और उसने विश्व समुदाय के दबाव के बाद ही हमलावरों के मुल्क में होने की जानकारी सार्वजनिक की.’’ Also Read – IND vs PAK Test Series: भारत-पाक टेस्‍ट सीरीज होस्‍ट करना चाहता है इंग्‍लैंड, बीसीसीआई ने कहा…?

विनितो ने कहा कि ऐसा देश पड़ोसी मुल्क की जमीन पर न तो अन्यायपूर्ण और अस्पष्ट दावा करेगा, न ही उसकी जमीन को कब्जे में लेने या उसे गैर-कानूनी तरीके से खुद में मिलाने की कोशिश करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हमने आज सिर्फ पड़ोसी के सबंध में ही झूठे दावे नहीं सुने हैं, बल्कि मानवाधिकार, अल्पसंख्यकों के अधिकार और मौलिक सुचिता के बारे में भी झूठ सुना है.’’ Also Read – T20 Rankings: बाबर आजम को पछाड़ नंबर 3 पर चढ़े सूर्याकुमार यादव, हार्दिक पांड्या भी उछले

विनितो ने कहा, ‘‘जब अल्पसंख्यक समुदाय की हजारों युवतियों का अपहरण एसओपी (मानक परिचालन प्रक्रिया) हो गया हो है तो उनकी मानसिकता को रेखांकित करने के लिए हम क्या आकलन करें?’’ भारत ने जोर देकर कहा कि वह भारतीय उपमहाद्वीप में शांति, सुरक्षा और प्रगति का इच्छुक है, जिसे मूर्त रूप दिया जा सकता है.

भारतीय राजनयिक ने कहा, ‘‘यह निश्चित तौर पर हो सकता है, अगर सीमा पार से आतंकवादी गतिविधियां खत्म हों, सरकारें विश्व समुदाय और अपनी जनता के प्रति ईमानदार हों, अल्पसंख्यक समुदायों का उत्पीड़न न हो और सबसे अहम इस महासभा के समक्ष हम इन वास्तविकताओं को मान्यता दें.’’ पाकिस्तान ने इसके बाद भारत की टिप्पणी पर जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल किया.

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