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Saturday, June 3, 2023

मल्लिकार्जुन खड़गे बोले- कार्यकर्ता के रूप में चुनाव लड़ रहा हूं, गांधी फैमिली से विमर्श कर अच्छी चीजों पर अमल करूंगा

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवार मल्लिकार्जुन खड़गे (Congress Presidential candidate ) ने गांधी परिवार की तरफ से पार्टी के ‘आधिकारिक प्रत्याशी’ होने की धारणा को रविवार को सिरे से खारिज कर दिया. साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि वह पार्टी के एक कार्यकर्ता के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं और अध्यक्ष बन जाने पर वह गांधी परिवार (Gandhi family) और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार-विमर्श करेंगे और उनके अच्छे सुझावों पर अमल भी करेंगे.Also Read – BJP का मुकाबला करने के लिए नई कल्पना वाली कांग्रेस की जरूरत, हमारे बीच मतभेद नहीं: शशि थरूर

मल्लिकार्जुन खड़गे ने यह भी कहा कि उन्होंने आम सहमति का उम्मीदवार होने को लेकर अपने प्रतिद्वंद्वी शशि थरूर से चर्चा की थी. हालांकि, थरूर ने ऐसा करने से मना कर दिया और कहा कि वह चुनाव लड़ेंगे. पार्टी अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनने के बाद पहली बार संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए 80 वर्षीय खड़गे ने यह भी कहा कि वह किसी के विरोध में नहीं, बल्कि पार्टी को मजबूत बनाने और उसकी विचारधारा को आगे ले जाने के लिए मैदान में उतरे हैं. Also Read – सूफी धर्म गुरु बोले- राहुल गांधी की भारत जोड़ों यात्रा में मुसलमानों का जाना हराम, BJP को लेकर कही ये बात

अपने करीब पांच दशक के राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा,”मेरे साथी लोगों ने मुझसे कहा कि मुझे चुनाव लड़ना चाहिए क्योंकि राहुल गांधी जी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी अध्यक्ष नहीं बनना चाहतीं. सभी ने कहा कि हमारा आपके साथ सहयोग है…इसके बाद मैं मैदान में उतरा.” Also Read – Congress President Election: चुनाव नहीं चाहते थे मल्लिकार्जुन खड़गे, 'छोटे भाई' शशि थरूर को दी थी ये राय; बताई पूरी बात

बहुत से वरिष्ठ नेताओं और युवा नेताओं ने प्रोत्साहन दिया, तब मैं चुनाव लड़ रहा हूं

मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया कि अनौपचारिक रूप से वह गांधी परिवार की तरफ से ‘आधिकारिक उम्मीदवार’हैं. खड़गे ने कहा, ”हमारे बहुत से वरिष्ठ नेताओं और युवा नेताओं ने कहा कि जब गांधी परिवार का कोई उम्मीदवार नहीं है, तो मुझे लड़ना चाहिए. उन्होंने जब मुझसे कहा और प्रोत्साहन दिया, तब मैं चुनाव लड़ रहा हूं.”

50 साल से चुनावी राजनीति में हूं

खड़गे ने कहा, .. मैं (अध्यक्ष बनने के बाद) गांधी परिवार और दूसरे वरिष्ठ नेताओं से विचार-विमर्श करूंगा. इसका अर्थ यह नहीं है कि खड़गे ने 50 साल की राजनीति में कुछ सीखा नहीं है. 50 साल से चुनावी राजनीति में हूं.

मैं गांधी परिवार से पूछंगा, जो अच्छी चीजें होंगी, वो लूंगा और अमल करूंगा

खड़गे ने कहा, मैं गांधी परिवार से पूछंगा, जो अच्छी चीजें होंगी, वो लूंगा और उनपर अमल करूंगा. उन्होंने थरूर का नाम लिए बगैर कहा, मैं किसी के विरोध में नहीं उतरा हूं. मैं सिर्फ कांग्रेस में मजबूती लाने के लिए और पार्टी के विचारों को मजबूती देने के लिए उतरा हूं. चाहे, महात्मा गांधी के विचार हों, पंडित जवाहरलाल नेहरू के विचार हों या बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के विचार हों, मैं इन विचारों को आगे ले जाने के लिए चुनाव लड़ रहा हूं.

Delhi | Many leaders of the party asked me to contest the presidential elections. We both are contesting party president elections but after that, we’ll work together to strengthen the party: Congress presidential poll candidate Mallikarjun Kharge pic.twitter.com/BdH4gfKphL

— ANI (@ANI) October 2, 2022

जहां-जहां कुछ अच्छा करना है, वो हम करेंगे

खड़गे के अनुसार, उन्होंने पार्टी में ‘एक व्यक्ति, एक पद के सिद्धांत के तहत नामांकन वाले दिन (30 सितंबर) राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दिया. यह पूछे जाने पर कि थरूर ने उन्हें यथास्थिति रखने वाला उम्मीदवार बताया है तो खड़गे ने कहा, यह उनके विचार हो सकते हैं. वो जिस यथास्थिति की बात करते हैं, वो 9300 डेलीगेट (निर्वाचक मंडल के सदस्य) तय करेंगे. हमारी पार्टी में जो बदलाव होना है, वो हमारे घर का मामला है. जो भी समिति बनेगी वो सबकी सहमति से बनेगी…जहां-जहां कुछ कमियां हैं, जहां-जहां कुछ अच्छा करना है, वो हम करेंगे.

गांधी परिवार ने कुर्बानी दी है, देश के लिए त्याग किया

यह पूछे जाने पर कि भाजपा ने आरोप लगाया है कि गांधी परिवार ही पार्टी चलाएगा तो इसपर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, भाजपा हमेशा कांग्रेस को कमतर दिखाने की कोशिश करती है. भाजपा में कब चुनाव हुए? नड्डा जी को किसने चुना? उनके पिछले अध्यक्ष भी कौन सा चुनाव जीते? उन्होंने कहा, गांधी परिवार ने इस देश के लिए बहुत कुछ दिया है, अपनी कुर्बानी दी है, देश के लिए त्याग किया है. हमारी 10 साल (संप्रग) सरकार चली. सोनिया गांधी जी ने क्या कभी प्रधानमंत्री बनने का प्रयास किया? क्या राहुल गांधी जी को प्रधानमंत्री बनाने की कोशिश की गई? इस परिवार ने जो कुर्बानी देश और पार्टी के लिए दी, वो बहुत बड़ी है.

पार्टी में ‘जी 23’ जैसा कोई समूह नहीं, वे मेरे साथ आए

खड़गे ने ‘जी 23’ के कई नेताओं के उनके नामांकन के मौके पर मौजूद रहने से जुड़े सवाल पर कहा कि पार्टी में ऐसा कोई समूह नहीं है. उन्होंने कहा, वे लोग भी पार्टी को बचाना चाहते हैं और मिलकर भाजपा-आरएसएस को हराना चाहते हैं, इसलिए वे मेरे साथ आए.

थरूर मेरे छोटे भाई हैं, सिर्फ दलित नेता होने के नाते चुनाव नहीं लड़ रहा

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने यह भी कहा, मैंने थरूर से कहा था कि आम सहमति का उम्मीदवार होना चाहिए. उन्होंने कहा कि वह चुनाव लड़ना चाहते हैं. ऐसे में मैं उन्हें कैसे कह दूं कि वह नहीं लड़ें. वह मेरे छोटे भाई हैं. घर का मामला है. सबको मिलकर रहना है. खड़गे के अनुसार, मैं यहां सिर्फ दलित नेता होने के नाते चुनाव नहीं लड़ रहा है. मैं कांग्रेस का एक कार्यकर्ता हूं और 55 साल से कांग्रेस की सेवा कर रहा हूं. एक कार्यकर्ता के रूप में चुनाव लड़ रहा हूं.

राहुल गांधी जी देश की एकता और सर्वधर्म समभाव के लिए लड़ रहे हैं

खड़गे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की तारीफ करते हुए कहा, राहुल गांधी जी आज ‘भारत जोड़ो यात्रा’ निकाल रहे हैं. वह बेरोजगारी, महंगाई के खिलाफ लड़ रहे हैं, देश की एकता और सर्वधर्म समभाव के लिए लड़ रहे हैं.

तीन प्रवक्ताओं ने पद से इस्तीफा दिया, खड़गे के लिए चुनाव प्रचार करेंगे

उधर, खड़गे के प्रचार में उतरने का फैसला करने वाले पार्टी के तीन प्रवक्ताओं गौरव वल्लभ, दीपेंद्र हुड्डा और सैयद नासिर हुसैन ने पद से इस्तीफा दे दिया है, ताकि चुनाप की निष्पक्षता बनी रहे. वल्लभ ने बताया, “कांग्रेस अध्यक्ष पद के निष्पक्ष चुनाव के लिए दीपेंद्र हुड्डा, सैयद नासिर हुसैन और मैंने कांग्रेस के प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया है, अब हम मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए चुनाव प्रचार करेंगे. ”

17 अक्टूबर को मतदान, 9,000 से अधिक डेलीगेट वोटिंग करेंगे

खड़गे के खिलाफ पार्टी के वरिष्ठ नेता शशि थरूर चुनाव मैदान में हैं. यदि पार्टी के इन दोनों नेताओं में से कोई भी अपना नामांकन वापस नहीं लेते हैं, तो 17 अक्टूबर को मतदान होगा, जिसमें 9,000 से अधिक डेलीगेट (निर्वाचक मंडल के सदस्य) मतदान करेंगे. मतगणना 19 अक्टूबर को होगी. वैसे थरूर ने स्पष्ट कर दिया है कि वह चुनाव लड़ेंगे. (bhasha)

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