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Wednesday, February 1, 2023

Navratri 2022: पांचवें दिन होती है मां स्कंदमाता की पूजा, यश और धन की प्राप्ति करें लिए जरूर पढ़ें ये मंत्र और आरती

Navratri 2022 5th Day: हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि का बेहद ही खास महत्व है और भक्तजन मां दुर्गा का आशीर्वाद पाने के लिए पूरे 9 दिनों तक विधि-विधान के साथ व्रत करते हैं. 9 दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा होती है. (Navratri 2022 Pujan Vidhi) आज नवरात्रि का पांचवां दिन है और यह दिन मां स्कंदमाता को समर्पित है. यदि कोई व्यक्ति धन, यश और संतान सुख की कामना रखता है तो उसे पूरे विधि-विधान के साथ स्कंदमाता का पूजन अवश्य करना चाहिए. पूजा के बाद स्कंदमाता को प्रसन्न करने के लिए मंत्र और आरती भी जरूर पढ़नी चाहिए.Also Read – Navratri 2022: नौवें दिन इस शुभ मुहूर्त में करें मां सिद्धिदात्री की पूजा और यह आरती पढ़ना ना भूलें, माता रानी होंगी प्रसन्न

मां स्कंदमाता की पूजा विधि

नवरात्रि के पांचवे दिन स्नान आदि से निवृत हो जाएं और फिर स्कंदमाता का स्मरण करें. इसके पश्चात स्कंदमाता को अक्षत्, धूप, गंध, पुष्प अर्पित करें. उनको बताशा, पान, सुपारी, लौंग का जोड़ा, किसमिस, कमलगट्टा, कपूर, गूगल, इलायची आदि भी चढ़ाएं. फिर स्कंदमाता की आरती करें. स्कंदमाता की पूजा करने से भगवान कार्तिकेय भी प्रसन्न होते हैं. Also Read – Navratri 2022 Sandhi Puja: क्या होती है संधि पूजा? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

मां स्कंदमाता के मंत्र

या देवी सर्वभू‍तेषु मां स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता. Also Read – Navratri 2022 Maha Navami Date and Timing: कल मनाई जाएगी महा नवमी, जान लें पूजन विध, इन मंत्रों का करें जाप और पढ़ें ये कथा

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
या देवी सर्वभू‍तेषु मां स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता.

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
महाबले महोत्साहे. महाभय विनाशिनी.

त्राहिमाम स्कन्दमाते. शत्रुनाम भयवर्धिनि..
ओम देवी स्कन्दमातायै नमः॥

मां स्कंदमाता की आरती

जय तेरी हो स्कंद माता
पांचवां नाम तुम्हारा आता,
सब के मन की जानन हारी
जग जननी सब की महतारी,
तेरी ज्योत जलाता रहूं मैं
हरदम तुम्हें ध्याता रहूं मैं,
कई नामों से तुझे पुकारा
मुझे एक है तेरा सहारा,
कहीं पहाड़ों पर है डेरा
कई शहरो मैं तेरा बसेरा,
हर मंदिर में तेरे नजारे
गुण गाए तेरे भगत प्यारे,
भक्ति अपनी मुझे दिला दो
शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो,
इंद्र आदि देवता मिल सारे
करे पुकार तुम्हारे द्वारे,
दुष्ट दैत्य जब चढ़ कर आए
तुम ही खंडा हाथ उठाए,
दास को सदा बचाने आई
‘चमन’ की आस पुराने आई..

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.

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